dr. mahesh parmar

डॉ. महेश परिमल

डॉ. महेश परिमल

नाम – डॉ. महेश परमार ‘परिमल’
पता – 403, भवानी परिसर,mahesh parimal
इन्द्रपुरी, भेल, भोपाल – 462022
संपर्क – (निवास) 0755- 2682258
मो. 9977276257
ई-मेल – parimalmahesh@gmail.com

 

livepathshala पर published इनके लेख

 

राष्ट्रीयता –  भारतीय

ऊँचाई – 5 फीट 7 इंच

वैवाहिक स्थिति – विवाहित

महेश परिमल जी का भाषा ज्ञान –  हिंदी, अंग्रेज़ी, गुजराती, छत्तीसगढ़ी, पंजाबी, बँगला

महेश परिमल जी कि शिक्षा – बी.कॉम., एम.ए. हिंदी, एम.ए. भाषाविज्ञान एवं पी-एच.डी.

पी-एच.डी. का विषय – हिंदी समाचारपत्रों में प्रयुक्त शीर्षकों का भाषिक विश्लेषण

रुचि – साहित्य अध्ययन एवं लेखन

महेश परिमल जी का अनुभव –

  • 1980 से हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय.
  • पं. माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में कुछ सत्रों में भाषा एवं पटकथा लेखन का अध्यापन
  • म.प्र. राज्ये शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा तैयार की गई प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला हेतु पाठ्य पुस्तकों के लेखन में भाषा विशेषज्ञ के रूप में सहभागिता,

 

  • आक्सफोर्ड प्रेस इंटरनेशनल द्वारा कक्षा आठवीं के लिए प्रकाशित हिंदी की किताब अंकुर में मेरे द्वारा लिखित एक पाठ का समावेश

 

  • बरकतुल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के पत्रकारिता संकाय में अतिथि प्राध्यापक के रूप में अध्यापन

 

  • फिल्म एंड टेलीविजन टेक्निकल इंस्टीटयूट (एफटीटीआई), भोपाल में पटकथा लेखन का अध्यापन

 

  • आकाशवाणी रायपुर, भोपाल एवं दूरदर्शन भोपाल के कई समीक्षात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता एवं समय-समय पर फीचर लेखन,

 

  • आकाशवाणी भोपाल से प्रसारित ‘मोगली की डायरी’ के 13 एपिसोड का लेखन

 

  • सहारा टी.वी. पर प्रसारित धारावाहिक ‘चाचा चौधरी‘ के तीन एपिसोड के लिए संवाद लेखन और दैनिक भास्कर भोपाल में नेशनल न्यूज रूम में 13 वर्ष तक समीक्षक

 

  • दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम्स, दैनिक जागरण, हरिभूमि, नई दुनिया, नवभारत, समेत देशभर के समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं में विभिन्न विषयों पर लगभग 2000 लेखों का प्रकाशन

 

  • रोजगार पत्रिका उद्यमिता में प्रबंधन पर चालीस लेखों का प्रकाशन

 

  • भोपाल से प्रकाशित रोजगार और निर्माण में भाषा पर केंद्रित ‘हमारे जीवन में भाषा’ शीर्षक से 80 लेखों का आरुणि नाम से लेखन

 

महेश परिमल जी को प्राप्त सम्मान व  पुरस्कार –

 

  • आकाशवाणी भोपाल के लिए लिखे गए फीचर ‘मायाजाल‘ को द्वितीय राष्ट्रीय पुरस्कार एवं फीचर ‘गरीब की गाय‘ के लिए प्रशस्ति पत्र

 

  • मध्यतप्रदेश संस्कृाति परिषद द्वारा साहित्यी अकादमी पुरस्कार के तहत ललित निबंधों का संग्रह

 

  • लिखो पाती प्या्र भरी के लिए दुष्यंतत कुमार स्मृति पुरस्कार से सम्मानित

 

विदेश यात्रा-

अप्रेल 2014 में अमेरिका के न्यूजर्सी में आयोजित विश्व हिंदी सम्मेलन में सहभागिता

एवं फिलाडेल्फिया, बोस्टन, न्यू हेम्पशायर का भ्रमण

 

महेश परिमल जी द्वारा प्रकाशन-

देशभारती प्रकाशन दिल्ली से ललित निबंधों का संग्रह

लिखो पाती प्यार भरी का प्रकाशन, सन 2008

लोकवाणी संस्थापन द्वारा सम सामयिक लेखों की किताब

अनदेखा सच का प्रकाशन सन् 2013,

अरपा की गोद में का पुस्तबक प्रकाशन द्वारा 2014 में प्रकाशन
सम्प्रति – स्वतंत्र पत्रकारिता

 

महेश परिमल जी के blogs

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