safalta ke liye mehnat

कठिन परिश्रम का महत्व सफलता के लिए

कठिन परिश्रम वह चाबी है, जो किस्मत का दरवाजा खोल देती है। आचार्य चाणक्य

हर एक इंसान अपने लक्ष्यों का चुनाव करता है। उनको सफल और साकार करने हेतु योजनाओं का निर्माण करता है। उसकी लगन सफलता तक के लक्ष्य को साकार करने की जिद करती है।

लेकिन तुरन्त ही वह महसूस करता है कि वह हारने वाला है।
उसकी योजनायों और बनाये गये लक्ष्यों के बीच की दूरी बिना तय किये ही खत्म सी हो रही है।

किंतु आप पाते हो कि किसी अन्य ने वह लक्ष्य पूरा किया है।

तब आपको उसमें और आपमें एक फर्क या अंतर दिखना शुरू हो जाता है। यह अंतर होता है आपके काम में कठिन परिश्रम का न होना।

safalta ke liye kathin parishram ka mehtav

कठिन परिश्रम के द्वारा किसी भी लक्ष्य को पार करने या पाने तक के रास्ते को सुगम बनाया जा सकता है।
इसलिये कठिन परिश्रम के बिना कोई भी लक्ष्य पार करना आसान हो यह कदापि सभंव नहीं है।

जैसा कि मार्गरेट थैचर ने भी अपने शब्दों में लिखा है।
मैं ऐसे किसी व्यक्ति को नहीं जानती हूँ। जो बिना कड़ी मेहनत के शीर्ष तक पहुँचा हो। हो सकता है ये हमेशा आपको ऊपर तक न ले जाये। लेकिन आपको सफलता के काफी करीब पहुँचा देगा।
शायद ही कोई सफलता की कहानी ऐसी हो जिसे कठिन परिश्रम के द्वारा न लिखा गया हो। आप हर उस इंसान से पूछ सकते है, जिसने सफलता को अपने वश में कर रखा हो। हमें जरुरत होती है तो सिर्फ यह जानने की, कि आखिर सफलता के रास्ते में आने वाले चरणों में कठिन परिश्रम का क्या मूल्य है ?

 

कठिन परिश्रम की कीमत –

अगर आप इस बात की पहचानने की कोशिश कर लें कि आखिर कठिन परिश्रम कितना कारगर साबित होता है सफलता की राह में, तो अवश्य ही सफलता आपकी गुलाम हो जाऐगी। कठिन परिश्रम को कठिन परिश्रम करके ही जाना जा सकता है।

मैने कड़ी मेहनत की कीमत, कड़ी मेहनत करके जानी । – मार्गरेट मीड़

कई बार हम यह सोचते है कि कठिन परिश्रम जैसे शब्द सिर्फ एक किताबी बातें या फिर किसी फिल्म का क्लाइमैक्स (climax) जैसी चीजें है, तब आप अपने आप को हो सकता है सच साबित करने की कोशिश कर रहे हो।
इस प्रकार की मानसिक सोच, कमजोर सोच का नजीता होती है। आपकी प्रतिभा का निखार कठिन परिश्रम के द्वारा ही संभव है यदि आप सचमुच इसे अपनी पूर्ण-प्रतिभा बनाना चाहते है तो।

 

सफलता के पीछे  -कठिन परिश्रम

अवसर, अवसर कड़ी मेहनत के भेस में छिपे होते है, इसलिये ज्यादातर लोग इन्हे पहचान नहीं पाते – एन.लैडर्स।

जैसा कि ऊपर पहले ही दर्शाया जा चुका है कि प्रत्येक सफलता के पीछे उसकी कड़ी मेहनत खड़ी होती है। कड़ी मेहनत के द्वारा ही सफलता संभव है।

जैसा कि बुकर टी. वाशिंगटन ने लिखा है। किसी को कोई भी मिलने योग्य चीज बिना कड़ी मेहनत के नहीं मिलती ।

हमें कड़ी मेहनत का अर्थ अच्छी तरह से उसे समझने में है। इसके लिये आपको अपनी कहने की आदत कम और करने की आदत बढ़ानी पड़ेगी। यही कड़ी मेहनत के लिये पहली सीढ़ी है।

 

कड़ी मेहनत का दिखावा न करें-

इसके लिये हम चीठी का उदाहरण ले सकते है। हमारे लिए चींटी से बढ़कर और कोई उपदेशक नहीं है। उसे बिल्कुल भी दिखावा करने की जरूरत नहीं होती है।kathin parishram ka mehtav

ना ही उसे इस बात की परवाह होती है कि कोई उसे काम करते हुये देखे और लोग उसकी सराहना या प्रशंसा में दो शब्द कहें।
कड़ी मेहनत कि लिये हमें दिखावे की हरगिज भी जरूरत नहीं होती है। कोई हमें काम करते हुये देखें, हमें इसी बात पर निर्भर नहीं होना चाहिए।

आप कार्य करते रहिये। अपनी प्रतिभा को कड़ी मेहनत के द्वारा चमकीला बनाते रहिए। उसे इस कदर चमकीला बनाइये कि उसकी चमक देखने के लिये खुद लोग विवश हो जाये।

अगर कुछ महत्व रखता है तो वह कर्म और प्रेम – सिगमंड फ्रॉयड

 

कड़ी मेहनत दृढ़ता और सामान्य सूझ बूझ

कुछ हांसिल करने के लिये जो तीन प्रमुख चीजें चाहिऐ होती है तो है। कड़ी मेहनत दृढ़ता और सामान्य सूझ बूझ…….. थॉमस ऐ. एडिसन

सफलता प्राप्त करने के लिये आप केवल कड़ी मेहनत को ही सहारा नहीं बना सकते हो।
इसके लिये आपको कठिन परिश्रम, संकल्प या प्रतिज्ञा और कॉमन सेंस जैसी महान चीजों की जरूरत होती है।
कमजोर इंसान के अंदर से कमजोरी को खत्म करने के लिये कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है। विचारों की परिपक्वता आपकी कामयाब को हरगिज पा लेने की प्रतिज्ञा या दृढ़ सकल्पों में निहित है जिसे आपकी सामान्य सामान्य सूझ बूझ की जरूरत होती है।

इस प्रकार आप कठिन परिश्रम के महत्व को सफलता की राह में महत्वपूर्ण शस्त्र मान सकते है। किसी भी प्रकार की भयानक मुश्किलों को आसान बनाने का तरीका आपके कठिन परिश्रम में निहित होता है।

बस आपको जरूरत है, तो इसे पूरी तरह से समझ लेने की। कई बार हम व्यर्थ के कार्यो को करने में कड़ी मेहनत का सहारा लेते है जिसकी हमें बिल्कुल भी जरूरत नहीं होती है।

मैं जानता हूँ कि आप ये हजारों बार सुन चुके है लेकिन ये सच है। परिश्रम का फल मिलता है। यदि आप अच्छा बनना चाहते है तो खूब अभ्यास कीजिये। यदि आप किसी चीज से प्रेम नहीं करते तो उसे मत कीजिए – रे ब्रॉडबरी

written by
piyush tiwari
 
 
 
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