parents and children misunderstanding

माता पिता बच्चों के दुश्मन कैसे बन जाते हैं ?

आप सोच रहे होंगे कि हमारे माता-पिता हमें सब से अधिक प्यार करते हैं फिर हमारे माता पिता बच्चों के दुश्मन कैसे बन जाते हैं ?
यह बात सच है कि हमारे माता-पिता हमारा सब से अधिक ध्यान रखते हैं, सबसे अधिक प्यार करते हैं ।

उनके लिए हम सब कुछ होते हैं पर यह भी सच है कि जाने अनजाने में हमारे माता-पिता ही हमारे सबसे बड़े दुश्मन बन जाते हैं। यहाँ पर कुछ तत्वों से यह आपको पता चल जायेगा।

 

 

1 – माता पिता बच्चों के दुश्मन कैसे बन जाते हैं ?

माता पिता कई बार इस बात को नजर-अंदाज कर देते हैं कि वे अपने बच्चों के सामने कैसा व्यवहार करते हैं ।


अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए माता पिता उन्हें बेहतर स्कूल में पढ़ाते हैं। कॉचिंग आदि भी लगबाते हैं।
पर अधिकतर बच्चे अपने माता-पिता को देखकर ही सीखते हैं।

बच्चों में जो संस्कार होते हैं, उनका पूरे का पूरा श्रेय व दोष माता-पिता को ही जाता है । माता-पिता अपने बच्चों के सामने आपस में व दूसरे लोगों से कैसे बात करते हैं।

उनके सामने क्या-क्या करते हैं इन सबको देखते ही बच्चे बड़े होते है। और अधिकतर माता – पिता इस बात की परवा नहीं करते हैं कि वे अपने बच्चों के सामने क्या बोल रहे हैं और कैसा व्यवहार कर रहे हैं।

 

 

2 –  माता पिता बच्चों के दुश्मन कैसे बन जाते हैं ?

जरूरत से ज्यादा केयर करना


मता पिता अपने बच्चों को ठीक से बड़ा नहीं होने देते हैं, हमने अक्सर देखा है हमारे भारत देश में माता पिता अपने बच्चों के बहुत से काम खुद ही कर देते हैं ।

उदाहरण के तौर पर अधिकतर बच्चे कॉलेज में तक पहुँच जाते हैं लेकिन उनका खुद का कोई बैंक खाता नहीं होता है। उन्हें बैंक से पैसे निकालना, जमा करना आदि पता ही नहीं होता है। क्योंकि उनके ये सारे काम उनके माता पिता ही कर देते हैं ।
जरा सा कोई काम देखा जिसमें थोड़ा सा भी रिस्क हो या काम थोड़ा मुश्किल हो, तो माता पिता उस काम को अपने बच्चों को नहीं करने देते है । और ऐसा करके माता पिता अपने बच्चों को कमजोर बना रहे होते है।

उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि माता पिता हर जगह और हर वक्त अपने बच्चों की मद्द करने के लिए उपस्थित नहीं हो सकते है। इसलिए यह बेहतर है कि उनके काम उन्हें करके न दें बल्कि उन्हें काम करना सीखायें।
दबंग फिल्म से सीखें माता पिता और बच्चों का तालमेल

 

 

3 – माता पिता बच्चों के दुश्मन कैसे बन जाते हैं ?

जब उन्हें प्यार की जरूरत होती है तब हम उन्हें डांटते है।
जब कोई बच्चा कुछ भी गलत करता है या कहें कि पहली बार कुछ गलत करता है। तब वह अंदर से डरा हुआ होता है। उसे अपनी गलती का एहसास रहता है, ऐसे में जब वह घर पर आता है। तब उसे डांट पड़ती है ।

और उसे समझने या समझाने की जगह उसे डांटा या पीटा जाता है। अब अगली बार यह होगा कि उससे कोई गलती हुई तो वह अपनी गलती किसी को नहीं बतायेगा । वह उसे छुपाने की कोशिश करेगा। और हो सकता है कि इस कारण वह कोई बड़ी परेशानी में आ जाये।
उदाहरण के तौर पर किसी लड़की ने कोई छोटी पूरी गलती की और उसके लिए उसे बहुत ज्यादा डांटा या पीटा जाता है। उससे सब नाराज रहते हैं, वह अपने अंदर ही अंदर बहुत ज्यादा दुखी व डरी हुई होती है

और इस दौरान जब कोई बाहर वाला उससे प्यार से बात करता है। तब वह उस पराये को अपना समझने लगती है। और घरवालो से दूरी बनाने लगती है। और फिर आगे उससे और बड़ी गलती करने का खतरा बन जाता है।

 

 

4 – माता पिता बच्चों के दुश्मन कैसे बन जाते हैं ?

बच्चों को समझने और समझाने की जगह माता पिता अक्सर यह समझ लेते हैं कि उनका बच्चा उनकी बात नहीं सुनता है।
माता पिता अपने बच्चों को कुछ काम करने को कहते हैं । परंतु जब बच्चों वह नहीं करते हैं जैसा उनके माता पिता चाहते हैं तो माता पिता और बच्चों के बीच लड़ाई झगड़े होने लगते हैं ।
अक्सर माता पिता और बच्चों में इसी बात को लेकर झगड़े होते हैं कि बच्चे वह नहीं करते हैं जैसा उनके माता पिता चाहते हैं और माता पिता की भी बच्चों के प्रति यही शिकायत होती है कि उनके बच्चे उनका कहना नहीं मानते हैं।
इसके लिए नीचे लिखे लेख को ध्यान से पढ़े।

माता पिता को यह जनाना जरूरी है कि वह उनके बच्चे उनका कहना क्यों नहीं मानते हैं।
मान लेते हैं माता पिता ने अपने बच्चों से कुछ करने को कहा मगर बच्चों ने वह नहीं किया ।
तब यह हो सकता हैं कि
1 माता पिता ने जो कहा बच्चो ने उनकी बात सुनी ही न हो । जिसका कारण हो सकता है कि वे किसी महत्वपूर्ण काम में लगे हो या किसी बात के बारे में सोच रहे हों जिस कारण वे माता पिता की बात न सुन पाया हो। अब जब बच्चों ने बात सुनी ही न हो तब वे वह कर ही नहीं सकते जैसे उनके माता पिता ने उनसे कहा है।
2 दूसरी बात यह हो सकती है कि बच्चों ने माता पिता की बात तो सुनी हो परंतु उन्हें समझ में नहीं आया हो जो माता पिता ने उनसे कहा हो।
और अब जब उन्हें कुछ समझ में ही नहीं आया है तो वे उस काम को करेंगे ही नहीं जो उनके माता पिता ने उनसे कहा हो।
3 तीसरी बात यह भी हो सकती है कि बच्चे ने माता पिता की बात सुनी भी और समझी भी है। लेकिन उसने वह नहीं किया जो उसके माता पिता उससे चाहते थे। हो सकता है कि बच्चा जो कर रहा है वह उसे उससे बेहतर लगता हो जो उसके माता पिता उससे करने को कह रहे हों।

यह ध्यान देने वाली बात है कि सुनना, समझना और समझ गया तीनों बहुत ही अलग हैं। माता पिता ने बच्चों से कुछ कहा हो और उन्होने वैसा नहीं किया जैसा माता पिता चाहते हैं तो माता पिता बिना यह सोचे की उनके बच्चों ने उनकी बात सुनी और समझी है कि नहीं यह जाने बिना ही यह समझ बैठते हैं कि उनके बच्चे उनकी बात नहीं मानते है।
इसलिए माता – पिता को यह समझना महत्वपूर्ण है कि बच्चे वह क्यों नहीं करते जो उनके माता पिता उनसे करने को कहते हैं ।

 

 

5 माता पिता बच्चों के दुश्मन कैसे बन जाते हैं ?

बच्चों पर जरूरत से ज्यादा विश्वास करना 


जो बच्चे स्कूल या कॉलेज के दौरान पढ़ने में तेज होते हैं । उनके माता पिता उन पर अधिक विश्वास कर लेते है और यह सोचते हैं कि उनके बच्चे कोई गलति नहीं करेंगें या फिर उनके बच्चे अधिक समझदार हैं । और उन्हें हद से ज्यादा आजादी दे देते हैं जिसके चलते बच्चे कई ऐसी गलतियाँ कर देते है । जिनके चलते माता पिता व बच्चे को बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है।

माता पिता को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों के परिक्षा में अच्छे परिणाम आने का मतलब यह नहीं है कि वे बहुत ज्यादा समझदार है। व उनके बच्चे कोई गलति नहीं करेंगें।

 

written by Manvendra Singh

 

 

 

 

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