आपका अच्छा व्यवहार कैसे तय करता है कि ….

आपका अच्छा व्यवहार कैसे तय करता है कि ……. ।

‘‘ साधारण से दिखने वाले लोग ही दुनिया के सबसे अच्छे लोग होते हैं, यही वजह है कि भगवान ऐसे बहुत से लोगों का निर्माण करते हैं – अब्राहम लिंकन ।

दुनिया में भगवान ने इंसान को साधारण सा स्वरूप देकर ही भेजा । किंतु फिर भी आपको दुनिया में अलग-अलग व्यवहार करते हुये लोग देखने को मिलते हैं।

हमारा व्यवहार अलग – अलग हो सकता है जिसके लिए आप अच्छी या बुरी प्रतिक्रिया देकर तुलनात्मक ठहराते है। यदि किसी के द्वारा किया गया व्यवहार आपके दिल को चोट पहुँचाता है तब आप उसे बहुत ही बुरा व्यवहार कहेंगे और यदि कोई आपके साथ अच्छा व्यवहार करता है । तब आप उसे अच्छे व्यक्तित्व वाले इंसान से नवाजेंगे। आपका अच्छा व्यवहार दूसरों के लिए अच्छा या बुरा हो सकता है।

‘‘ आपका विश्वास नहीं बल्कि आपका व्यवहार आपको बेहतर मनुष्य बनाता है ‘‘ – अज्ञात

इस बात से लेखक का आशय व्यक्तित्व या शख्सियत के निखार से हैं। हम अपना सफर साधारण व्यक्तित्व से असाधारण की ओर करते हैं।

अगर आप किसी भी सफल इंसान के व्यक्त्ति्व के बारे में जानेंगे तो यह बात आपको दंग कर सकती हैं कि उनका पहनावा बातों में विनम्रता और व्यवहार का निखार बहुत ही सामान्य होते हुये भी उन्होंने असामान्य या असाधारण कार्यों को पूरा करने की क्षमता दुनिया को दिखायी ।

आप धीरूभाई अंबानी, शिव खेड़ा, रतन टाटा, अमिताभ बच्चन, दिलीप कुमार, बिल गेट्स आदि सभी लोगों का व्यवहार सामान्य किंतु प्रभावशाली था।

 

व्यवहार क्या है ? –

‘‘ व्यवहार वो है जो एक मनुष्य करता है न कि वो जो सोचता है, महसूस करता है और विश्वास करता है ‘‘ – अज्ञात

achchha vivyharआपके व्यवहार का पता आपके कर्तव्यों में दिखता है तब जब आप कुछ करते हैं । आप क्या सोचते हैं या आपकी सोच कितनी सकारात्मक है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता ।

आपका व्यवहार ही आपके व्यक्तित्व से लोगों की पहचान करवाता है। आपकी सोच असामान्य है लोगों को इस बात का अंदाजा भी तभी लगता है । जब आप कुछ करते हैं न कि इस बात से कि आप क्या महसूस करते हैं ।

आपकी भावनायें या आप जो महसूस करते हो, आपकी पहचान खुद आपसे करवाती है, किंतु आपका व्यवहार बाहरी दुनिया से आपकी पहचान करवाता है । इसलिए व्यवहार आपके जीवन में क्या महत्व रखता है – यह बात अब आप खुद ही समझ सकते हैं।
व्यवहार हमें हैसियत देता है –

‘‘ किसी भी व्यक्ति के व्यवहार का पता- समाज के साथ उसका संबंध, उसके अपने कार्य के साथ संबंध और अपने जीवनसाथी के साथ संबंध से चल जाता है ‘‘ । – अल्फ्रेड एड्लर 

हमारा व्यवहार हमें सद्गुणी और अवगुणों होने का दर्जा देता है। हमारे व्यवहार की वजह से समाज की तराजू में हमें हैसियत के पलड़े से तौला जाता है।

हमारा व्यवहार समाज में हमारी हैसियत और दर्जे का आंकलन करता है। आपकी फैमिली, आपके समाज, आपकी कंपनी में हैसियत या आपका बिजनेस सब कुछ हमारे व्यवहार की वजह से, हमें दर्जा दिलाते है। अगर हमें बिजनेस में नफा- नुकसान हो रहा है तो उसके जिम्मेदार हमारा अच्छा व्यवहार या बुरा व्यवहार होते हैं ।

हमारा 3/4 हिस्सा काम हमारी छवि ( image ) करती हैं । इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम हमारी अच्छी छवि बनाये रखें। –स्वामी विवेकानंद

 

 

क्या अकड़ हमारा अच्छा व्यवहार है ? 

‘‘ अकड़ व्यवहार नहीं है यह हमारा एटिट्यूड ( attitude ) है ‘‘ । अज्ञात

एटिट्यूड attitude – अक्सर हम लोग इस शब्द को अपने व्यवहार के हिस्सों में जुड़ा हुआ सा महसूस करने लगे हैं ।

दरअसल अकड़ को हमें हमें कभी भी अपने व्यवहार का अंश नहीं मानना चाहिए। यह आपके व्यक्तित्व को चिता तक ले जाने का कार्य करती है, जहाँ आपका सबकुछ जलकर राख हो जाता हैं ।

असाधारण जीवन जीने के लिए हमें कभी भी अकड़ की जरूरत नहीं होती । गुलजार जी को दुनिया उनके सीधे- सादे व्यवहार के लिए नमन करती है।

अकड़ कभी भी अच्छे व्यवहार का अंग नहीं होती है। मैं यहाँ एक बार फिर दोहराना चाहूँगा कि आपके व्यवहार का पता किये गये कृत्यों से निर्धारित होता है न कि आपके सोचने से। 

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आपकी अकड़ आपके नकारात्मक व्यवहार को दर्शाता है और यह आपके माथे पर अवगुणी होने का ठप्पा ठोंक सकता है। इसीलिए याद रहे हमें अपने व्यवहार में नकारात्मकता नहीं उभारनी चाहिए।

प्रेम अच्छा व्यवहार की आत्मा होती है –

अच्छा व्यवहार साधारण व्यक्ति का अंतिम सहारा है ‘‘ – हेनरी एस. हॉस्किंस

जी हाँ ! यह बिल्कुल ही शाश्वत सत्य बात है कि आपके व्यवहार की आत्मा, आपके कार्यो में किये गये प्रेमपूर्ण व्यवहार से देखने को मिलती है।

आपके व्यवहारों में प्रेम का होना आपके प्राकृतिक स्वभाव की अमिट निशानी होती है। जो हमेशा लोगों के ह्रदयों पर उसकी छाप छोड़ते हैं। डर नकारात्मक व्यवहार को जन्म देता है जो आपको कभी भी माहौल जीतने में सक्षम नहीं होने देगा।
इसलिए ध्यान रहे आपके व्यवहार में प्रयोग किया गया डर या डरकर किया गया व्यवहार, आपको असफलता के द्वार तक धकेलने के लिए काफी होता है ।

जैसा कि ब्रेन्डा हम्मोंद ने कहा है – ‘‘ अगर आपका डर आपका व्यवहार बदलता है तो आप पहले ही हार चुके हैं। ‘‘

इस प्रकार ऊपर दी गयी महत्वपूर्ण बाते आपको प्राकृतिक स्वभाव का महत्व या वह स्वभाव जिसे हमने ईश्वर से सीधे प्राप्त किया है आपके जीवन में कितना महत्वपूर्ण और प्रभावशील है – बतलाता है।

नकारात्मक व्यवहार छोड़े अवगुणों को जड़ से खत्म करें । ये सब ईश्वर की देन नहीं है। सकारात्मक स्वभाव अपनायें, सदगुणी बनें।

written by piyush tiwari       Piyush Ashok Tiwariअगर आपके पास भी हिंदी में कोई आर्टीकल है जो आप livepathshala.com पर पोस्ट करना चाहते हैं। तो आप अपना लेख हमें भेज सकते हैं । पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ पोस्ट करेंगें। आप अपना लेख हमारे पास भेजने के लिए नीचे दी लिंक पर क्लिक करें। Post your article/ अपना लेख हमारे पास भेजने के लिए यहाँ क्लिक करें आपको यह आर्टीकल पसंद आया, तो इसे like, share and comments जरूर करें

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