हो गए आँसू पुराने

हो गए आँसू पुराने अब हँसी के गीत गाएँगे नई फिजाओ से अपने चमन को चमकाएगे जुगुनू बनकर अपनी रातो को अमर बनाएगें हो गए आँसू पुराने……… कटती जिंदगी की रातो में बरसते हुए गम के बादलों में हम अपनी धूप को महकाएँगे गुजरते लम्हों की वारदात को बड़वाग्नि सा बनाएँगे हँसकर अपनी जमीन की उपज फिर से बढ़ाएगे हो गए आँसू पुराने….. livepathshala पर प्रकाशित सभी […]

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ऐ मुसाफिर तू चलता जा…

ऐ मुसाफिर तू चलता जा तुझे तेरी मंजिल मिल जाएगी जो कोई तुझको रोकेगा कुछ बातें उसे समझ आएगी ऐ मुसाफिर तू चलता जा… livepathshala पर प्रकाशित सभी  hindi poems जब होगी तुझ पर घनघोर अंधेरो की बरसाते आएगी तुफानो की वो राते उन मुस्कुराती आंधियो में भी मजबूत खुद को करता जा ऐ मुसाफिर […]

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नाम जिसका खाकी है

नाम जिसका खाकी है जीने केे हैं कई तरीकेे , ऊब चुकेे हैं सारे जी के । बस एक तरीका बाकी है , नाम जिसका खाकी है ।। livepathshala पर प्रकाशित सभी  hindi poems कब तक सोयेगा दस या ग्यारा , या शहीद हो जायेगा कोई और बेचारा । चिंता है मुझे कि चिंता नहीं तुझे देश […]

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बनकर दिया तुम जलते रहो

बनकर दिया तुम जलते रहो जग को जगमग करते रहो हमेशा आगे बढ़ते रहो खुद को पग-पग पर सोचते रहो बनकर दिया तुम जलते ….! livepathshala पर प्रकाशित सभी  hindi poems गर है भुजाओ में दम तुम्हारे या भीतर तुम्हारे दमकल की पावक है जूनून की वो ललक बस तुम उसको चीरते चलो बनकर दिया […]

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शरबतो के रंग में तुम खो ना जाना

शरबतो के रंग में तुम खो ना जाना बेगानी सी हवाओ में तुम खुद को भूल ना जाना … ये होती तो बङी मदहोश , करती सबको बेहोश मगर तुम इस बेहोशी में खुद को भुल ना जाना शरबतो के रंग में तुम खो ना जाना. . livepathshala पर प्रकाशित सभी  hindi poems मिलते है […]

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कदम रखो अपना ऐसा

कदम रखो अपना ऐसा जिसे कोई हटा न सके दृढ़प्रतिज्ञ बनकर कुछ करो वैसा जिस कोई कर न सके…… livepathshala पर प्रकाशित सभी  hindi poems रहो इस धरा पर तुम वेसे जिसे कोई हरा न सके कभी न करो घमंड ऐसा जिससे तुम्हे नष्ट होना पडे…   उगता सूरज करता है इशारा उसकी तरह तुम […]

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आज वही बचपन याद आ गया

आज वही बचपन याद आ गया… जनम मरण के बंधन को आज कोई तीर सा मिल गया लहरो भरी हवाओ को जैसे कोई सुर सा मिल गया लगा कुछ ऐसा नवजीवन सा आ गया आज वही बचपन याद आ गया… livepathshala पर प्रकाशित सभी  hindi poems हुए घन भी घने पराए भी बने अपने विलोचन […]

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ये कैसी क़यामत आई है

ये कैसी क़यामत आई है लोटा बचपन एक नई जवानी आई है अनजाने है लोग यहाँ ये कैसी क़यामत आई है livepathshala पर प्रकाशित सभी  hindi poems लोटा बचपन एक नई जवानी आई है अनजाने है लोग यहाँ पर ये केसा सिलसिला लाई है ये कैसी क़यामत आई है…. अजनबी है दुनिया यहाँ बेगानी सी […]

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तू अकेला बढ़ता जा

तू अकेला बढ़ता जा राह की मुसीबतो पर चढ़ता जा जो बडा हुआ सिर पर तेरे बोझ चढा तू इसे धैर्य से लाँगता जा तू अकेला बढ़ता जा…… आती है कई उलझने तू उन पर अमल करता जा जो तू सोचता वह तू करता जा एक दिन समस्या तू अपनी बना फिर उस पर तू […]

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चल रहा आज भी

चल रहा आज भी, गांधी जी बंद जिसको कर गये। livepathshala पर प्रकाशित सभी  hindi poems जीते जी लड़े बदलाव को, बदला कुछ नहीं, पर वो गुजर गये। हाँ बदला है शासन का नाम, स्वदेशी लुटेरे बने, विदेशी निकर गये। सीधे-सीधे बनते थे जो, जीतते ही चाल उनके बिगड़ गये।। वादे पे वादे अंबार लगा […]

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