bhagwati prashad

आँसू मिले उन्हें भी स्वर दो…भगवती प्रसाद कुलश्रेष्ठ

आँसू मिले उन्हें भी स्वर दो खुशियां मिले उन्हें भी गाओ कवि यूं अपना धर्म निभाओ ।   जीवन जीना सहज नहीं है, मिलते हैं पग-पग पर कांटे। ऐसे स्वजन बहुत दुर्लभ हैं, जो बढ़कर पीड़ा को बांटे।   livepathshala पर प्रकाशित सभी कवितायें देखने के लिए hindi poems  पर क्लिक करें । हार मिले तो […]

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na pak poetry

पाक की ना पाक हरकत

पाक की ना पाक हरकत आँखों से गिरते अश्कों से, हम भूचाल सा ला देंगें। इस सीने के ज्वालामुखी से, पाक में कयामत ला देंगें।। कायर है क्या तू , जो ना पाक हरकतें करता है। हिम्मत नहीं क्या सीने में, या फिर हमसे डरता है।। हिम्मत है तो आ सामने, आगे क्यों नहीं आता […]

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by bhagwati prashad kulshrest

वह लड़की – भगवती प्रसाद कुलश्रेष्ठ जी की रचना

वह लड़की – भगवती प्रसाद कुलश्रेष्ठ जी की रचना …. । जानकर मन थरथराया और तन था कँपकपाया एक लड़की जल रही थी त्ंदूर से लौ उठ रही थी कौन उसकी व्यथा सुनता कौन उसकी कथा गुनता हर ओर उसके भेड़िये थे इंसान कोई भी नहीं था और वह लड़की न ऐसी निरीह ही थी […]

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जन-जन की पुकार

जन-जन की पुकार सुनाई क्यों नहीं देती है, तुझे हम लोगों की चीख । एक बार तू डाल दे सितमगर, हमें जीवन की भीख।। अनजानी राह है, रैन का तम है। दिल में उम्मीद है, और आँखें ये नम है।। चेहरे पर खुशी है, दिल में गम है। झूठ अत्याधिक है जग में, सत्य बहुत […]

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भारत का नया राष्ट्रगीत

भारत का नया राष्ट्रगीत New National Song of India आओ बच्चों तुम्हे दिखायें, शैतानी शैतान की। livepathshala पर प्रकाशित सभी कवितायें देखने के लिए hindi poems  पर क्लिक करें ।   नेताओं से बहुत दुखी है, जनता हिन्दुस्तान की।।       बड़े-बड़े नेता शामिल हैं, घोटालों की थाली में। सूटकेश भर के चलते हैं, अपने […]

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मेरे देश के हालात

मेरे देश के हालात । भारत में सतत् गैंग रैप होते रहे,पीड़िताओं के परिजन रोते रहे। सारेदेश में जब इस बात पर उठा बबंडर,तब आप कहाँ सोते रहे। कहाँ गयी महिलाये कहाँ उनकी भागीदारी,फूट फूट कर रो रही है देखो आज ये नारी। न आये जटायू न आये मुरारी,अब कहाँ जाये बताओ ये बेचारी। नारियो […]

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परिंदे हो तुम

परिंदे हो तुम खुले गगन के । भर दो सहज उन्मुक्त उड़ान बिना डोर के स्वपरो से उड़कर रंग दो अपने निशान पंछी हो तुम खुले गगन के…. livepathshala पर प्रकाशित सभी  hindi poems छोड़ अपने उस निराश मन को भर आशाओ से अपने तन को मुड़-मुड़कर ना देखो गम को नाकामियो को भूल सदा ही […]

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इतिहास नया रचाऊं मै

इतिहास नया रचाऊं मैं ! पतझड़ों के पत्ते पर, इतिहास नया रचाऊं मैं ! रूकूं नहीं मैं चलता जाऊं ऐसी राह बनाऊं मैं !! रंगीला कर दीं हर पल को ऐसी तस्वीर बनाऊं मैं ! पतझड़ों के पत्ते पर, इतिहास नया रचाऊं मै !! livepathshala पर प्रकाशित सभी  hindi poems   निस्वार्थ भाव से काम […]

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कुछ सपने

कुछ सपने……. कुछ बातें ऐसी हो गई, जो ले गई अरमानों को ऐसे अरमान जिनमें थे ! कुछ सपने, ऐसे सपने जिन सपनों को, मुसिबतों में समेटा था । अपने मन की शाखा से, हदय के वृक्ष से लपेटा था ! ऐसी बाधा जिस बाधा में, तैरके हमको जाना था, उस बाधा की लहरों में, किस्सा नया बनना था । ऐसा किस्सा […]

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प्राणों का अस्तित्व

प्राणों का अस्तित्व livepathshala पर प्रकाशित सभी  hindi poems ना बुनता जीवन के सपने कोई ना होता उसका अपना दया भावना देख ना सकता प्रेम पुण्य का मोह ना रखता प्रकृति जिससे रंग ना बदले जीवन चलता जिसके बल पे सारी बाते खुद ही सहता अज्ञात वास में है वो रहता अवधि जिसके संग चलती […]

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ये कैसा आया है मौसम

ये कैसा आया है मौसम बाग-बाग में बगियाँ भावे ये कैसा आया है मौसम झूम उठा है देखो मधुवन अब तो भटक रहा है मन जात-पात का जरिया छोडो खुलकर और सभी से बोलो एक तेरा मस्तानापन एक मेरा अन्जानापन.. livepathshala पर प्रकाशित सभी  hindi poems जैसे भोले को तो भावे भाँग-धतुरा और चन्दन कृष्ण […]

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इन बातों में क्या रखा है

  इन बातों में क्या रखा है जरा ढंग की बात करो राम भक्त बजरंगी बनकर एक रंग की बात करो । livepathshala पर प्रकाशित सभी  hindi poems फिल्मी दुनिया की छोड़ो और काम की बात करो भगतसिंह, आजाद सरीखे किसी नाम की बात करो । जलिया वाले में खेला उस रक्तपात की बात करो […]

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पर दिल है कि उसे भुलाता नहीं

पर दिल है कि उसे भुलाता नहीं livepathshala पर प्रकाशित सभी  hindi poems दारू: बाकी सारी चीजें याद आती  नहीं और इससे बड़ा नशा नीद क्योंकि जिसे नींद का नशा चढ़ता है उसे दारू भी  याद आती नहीं उससे भी बड़ा और अब तक का सबसे बड़ा नशा है प्यार क्योंकि जिसे प्यार का नशा लगता है उसे […]

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बहती हवाओ से कुछ ऐसी आवाजे शोर मचाती है

बहती हवाओ से कुछ ऐसी आवाजे शोर मचाती है मानो कोई नई फिजाए महकाती है हर मजहब को बहकाती है कुमुदनी भी अपनी हँसी छिपाती है अपने अधरों में चंचलता दिखलाती है सारे लम्हों का कोई मौसम बन जाता है जब उन आवाजो का मतलब समझ आता है…. हर राही के मन में हलचल मचवाती […]

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नयनो से गिरते अश्क़…..

नयनो से गिरते अश्क़ हलचल मचवाते हैं दो पलो की कशमकश को बहलाते है मन में मस्ती के बाग मुर्झाते हैं जब अश्क़ जमीन पर आते है नयनो से गिरते अश्क़….. livepathshala पर प्रकाशित सभी  hindi poems अश्क़ो की जन्नत सी बन जाती है जब पलकों से पलके टकराती है नयनो का कोई नया जादू […]

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