student ki nakal pakadna

छात्रों को नकल करते हुए पकड़ने के तरीके

परीक्षा के समय पर ज्यादातर छात्र पढ़ाई करने की बजाय “नकल कैसे करें” के उपाय खोजने में ज्यादा व्यस्त रहते हैं ।
student ki nakal pakadna  यह ज्यादातर वही छात्र होते हैं जिन्होंने साल भर बिल्कुल भी पढ़ाई नहीं की होती है और जिन्हें अपनी नकल करने के तरीकों पर पूरा विश्वास होता है।उनका यह विश्वास केवल इसीलिए मजबूत होता है क्योंकि छात्रों को पर्यवेक्षक उन्हीं की आशा के अनुरूप मिल रहा होता है।

पर्यवेक्षक की परीक्षा के प्रति जरा सी भी ढिलाई या कमजोरी इन नकलची छात्रों को और भी ज्यादा मजबूत इरादे वाले बनाती हैं ।आज के आर्टिकल में हम पढ़ेंगे कि चीटिंग करते हुए अथवा नकल करते हुए छात्र को किस तरह निगरानी में रखें….

1. परीक्षा संकुल केंद्र का चुनाव :- सर्वप्रथम वह स्थान चुनें जहाँ आप परीक्षा करा रहे हैं ।यदि यह एक ऑडिटोरियम या परीक्षा हॉल है व काफी बड़ा है तब आप छात्रों को इस तरह से व्यवस्थित करें कि छात्र एक दूसरे के पास पास न रह सकें । ज्यादातर छात्र अपने सामने वाले छात्र या पिछले छात्र के द्वारा नकल करने में माहिर होते हैं पर्यवेक्षक को उनकी पहली कड़ी कमजोर का देनी चाहिए। साथ ही यह भी याद रखें —

a. छात्र एक दूसरे के पास पास ना बैठे हों !
b. छात्र आपस में फुसफुसाए नहीं !
c. छात्र को यहां-वहां मुड़कर देखने से रोकें !
d. प्रत्येक छात्र की गतिविधि का आंकलन परखे !
e. ऊपर दी गई गतिविधियों के प्रतिकूल पाए जाने वाले छात्र को शक्ति से चेतावनी दें या उसे परीक्षा हॉल से निष्कासित कर देने की धमकी दें !

2. मोबाइल , गैजेट्स व किताबों की पहले से चेतावनी दें :- पर्यवेक्षक को परीक्षा प्रारंभ होने से पहले प्रत्येक छात्र को यह कड़ी हिदायत दे देनी चाहिए कि वह अपने अपने मोबाइल या अन्य किसी भी गैजेट्स और किताबों का प्रयोग अपनी डेस्क पर न करे। उन्हें पर्यवेक्षक को पहले ही छात्रों से ले लेना चाहिए। परीक्षा हॉल में “मोबाइल निषेध” का पोस्टर निकास द्वार पर ही लगा देना चाहिए। आजकल मोबाइल और उसके द्वारा हम आसानी से चीटिंग करने में माहिर हो गए हैं।

3. छात्रों की नजरों की गतिविधि जाने:- पर्यवेक्षक यदि छात्रों की नजरों को पढ़ने में माहिर हो तब वह नकलची छात्रों को आसानी से पकड़ सकता है । छात्र अगर नजरें मिलाते समय असुविधा या नर्वसनेस महसूस करता है तब वह यकीनन ही परीक्षा हॉल में नकल करने के मंसूबे से बैठा होता है पर्यवेक्षक को ऐसे छात्रों को बारीकी से जांचना परखना चाहिए और यदि उस पर नकल की कोई भी सामग्री पाई जाती है तब उसे कड़ी हिदायत या चेतावनी देनी चाहिए। हो सके तो संभव सजा भी दे देनी चाहिए ताकि अन्य छात्र नकल करने से घबराए।

4. शरीर के हिस्सों पर लिखी जाती है नकल :- आजकल कई छात्र व छात्राएं अपनी बाहो , उंगलियों , हथेलियों और पैरों पर नकल लिखकर ले जाते हैं और परीक्षा में आसानी से नकल करते हैं । छात्र अपनी बांह पर या उंगलियों के मध्य में लिखकर नकल करने की कला विकसित कर चुके हैं । ऐसे में पर्यवेक्षक को इस बात की भी अच्छी ख़ासी जानकारी होनी चाहिए। यदि किसी छात्र को आस्तीन बार बार खोलने या बंद करने की क्रिया करते हुए पाया जाता है तब उसे तुरंत ही शक के दायरे में रखें और परख करें।

ज्यादातर शरीर के इन हिस्सों पर लिखी जाती है नकल-:
a. बाँह पर :- यह मुख्य हिस्सा है जहां से विद्यार्थी नकल करने में आसानी महसूस करते हैं इसलिए ज्यादातर छात्र इन हिस्सों पर ज्यादा नकल लिखते हैं।
b. हथेली पर :- वैसे तो आजकल कोई भी छात्र यहां लिखना ज्यादा सहज महसूस नहीं करता है फिर भी कई छात्र होते हैं जो हथेली पर नकल लिखना पसंद करते हैं।
c. उंगलियों के मध्य हिस्सों पर :- यह नकल करने का बेहतरीन तरीका साबित हो सकता है और छात्र उंगलियों के मध्य में नकल लिख कर ले जाते हैं।
d. पैरों पर :- ज्यादातर इस प्रकार की नकल में लड़कियां माहिर होती हैं क्योंकि वह अपनी जांघों का इस्तेमाल करती हैं । और यदि पर्यवेक्षक इन्हें घूरे तो यह एक प्रकार का शोषण कहलाता है । इस बात का पर्यवेक्षक को खास ख्याल होना चाहिए।

5. परीक्षा के मध्य में टॉयलेट आने जाने वाले छात्रों पर नजर रखें :- कई छात्र व छात्राओं जिन्हें नकल करनी होती है परीक्षा के मध्य में टॉयलेट जाना पसंद करते हैं जहां वह पहले से ही नकल की सामग्री का जुगाड़ करके आते हैं। इस बीच में अक्सर मोबाइल या लिखी हुई चिट का प्रयोग करते हैं । टॉयलेट का प्रयोग करने के लिए जाने वाले छात्रों को पेन-पेंसिल-कागज-हॉल टिकट व मोबाइल पहले ही जब्त करें। आजकल मोबाइलों में अच्छा खासा डाटा सेव होता है जिससे नकल करने में आसानी होती है। टॉयलेट से आने वाले छात्रों को भी पुनःचेक करें। शरीर के हिस्सों पर भी चेक करें । टॉयलेट का प्रयोग करने के बाद छात्र अक्सर अपने साथ नकल की सामग्री उपयोग में लाते हैं।

6. पतले व बारीक पेपर स्लिट का उपयोग करके :- छात्रों से पर्यवेक्षक मोबाइल बॉक्स इत्यादि सामग्री पहले ही जब्त कर लेता है किंतु पेंसिल बॉक्स या ज्योमेट्री बॉक्स नहीं । ऐसे में छात्र कागज की बारीक व पतली स्लिट का उपयोग पेन के खोल में भरकर उपयोग करते हैं। जिससे कि वह आसानी से नकल कर सके। अतः पर्यवेक्षक को संदिग्ध छात्र की तलाशी इस प्रकार की सामग्री पर भी करना चाहिए।

7. संभव हो तो दो पर्यवेक्षक तैनात किए जाएं :- यदि परीक्षा हॉल बड़ा है; जैसे – ऑडिटोरियम , असेंबली हॉल, इत्यादि तब यदि संभव हो तो 2 पर्यवेक्षक उस हॉल में तैनात किए जाने चाहिए । साथ ही पर्यवेक्षक यह हमेशा याद रखें कि उन्हें हॉल में घूम-घूमकर प्रत्येक छात्र की गतिविधि का अच्छा खासा ख्याल रखना चाहिए यहां ध्यान रहे यदि पर्यवेक्षक एक ही जगह पर स्थिर होकर बच्चों को परख रहा होता है तब वह इस प्रकार की जांच सही तरीके से नहीं कर सकता है । यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

इस प्रकार पर्यवेक्षक इन सारी बातों को ध्यान में रखते हुए एक परीक्षा हॉल को या परीक्षा संकुल केंद्र को नकल मुक्त बना सकता है। परीक्षा का सुचारु ढंग से सफल हो जाना पर्यवेक्षक का सबसे बड़ा जिम्मा होता है । अतः उसे इस सब की बारीकी से पहचान होनी चाहिए ।

छात्र किस प्रकार नकल करता है व नकल कर सकता है हर संभावना से अच्छी तरह एक पर्यवेक्षक को मुखातिब होना चाहिए।

written by piyush tiwari   Piyush Ashok Tiwari   If you want to publish your hindi or english articles  or poetry then click on post my article. If you liked this article then please share and comment for this article.

share your thoughts

comments