the suicide game

ब्लू व्हेल – मौत का खेल क्या है ? इससे क्यों और कैसे बचा जाये

ब्लू व्हेल – मौत का खेल (एक खुनी खेल)  …… . एक ऐसा इंटरनेट खेल है जो एप डाउनलोड करने से सुरु होता है | बच्चे गेम्स डाउनलोड करने के ज्यादा शौकीन है इसलिए इसके शिकार 10 से 20 साल तक के युवा हो रहे है |

वो जो कम उम्र में फेसबुक इंस्टाग्राम या अन्य सोसल साइट्स का इस्तेमाल करते है, इस एप के साथ ये लिखा होता है की आप इसे डाउनलोड करे तो आप ऑनलाइन कमाई कर कर सकते है या फिर कुछ आकर्षक इनाम जीत सकते है, लेकिन जैसे ही ये मोबाइल में डाउनलोड होता है आपका मोबाइल हैकर हैक कर लेते है और आपको ये गेम खेलने के लिए आकर्षित करते है |

सुरुवात में गेम थोड़ा मजेदार होता क्यों की इसमें पचास  टास्क होते है और हर दिन सिर्फ एक टास्क  पूरा करना होता है, जैसे ” सुबह तीन बजे उठना, खुद को विचित्र ढंग से सजाना, अपने हाथ पे किसी हीरो या हीरोइन का फोटो गुदवाना, व्वस्थापक द्वारा भेजा गया गन्दा गाना या डरावना विडिओ देखना, खुद को सुई चुभाना, पतले- ऊँचे ईमारत से छलांग लगाना  इत्यादि शामिल है |

धीरे धीरे ये खेल घातक बनता जाता है इस खेल का सबसे अंतिम चरण “सुसाइट” यानि “मौत” है, अगर आप बिच में खेल छोड़ने की बात करते है या  व्वस्थापक की बात नहीं मानते है तो आपके परिवार को जान से मार देने की धमकी दी जाती है इसका साफ़ मतलब ये है की ये खेल उस दलदल की तरह है जिसमे आप एक बार फंस गए तो निकलने के सारे रास्ते बंद |

इस खेल की शुरुआत 2013 में रूस के “फिलिप्स बुडिकिन”  ने की थी, धीरे धीरे इस खेल ने अपना पाँव पसारा और 130 लोगो की जान ले ली |  मौत का खेल मौत का खेलमौत का खेल

इस खेल ने भारत में भी कई युवाओ की जान ली है, (30 जुलाई 2017 को मुंबई के एक 14 वर्षीय लड़के ने सातवीं मंजिल से कूद कर अपनी जान दे दी और साबित भी हुआ की इसके पीछे “ब्लू व्हेल गेम” ही था )|

इस गेम को बनाने वाले “फिलिप्स बुडिकिन” गिरफ्तार हो चुके है, उनके अनुसार ये गेम उनके लिए है जो अपनी जिंदगी से ऊब गए है, पुरे खेल का हर एक कदम सिर्फ खिलाड़ी को मरने के लिए तैयार करने के लिए ही बना है, शब्द “ब्लू व्हेल” बिचड व्हेल्स की घटना से संभंधित है जो आत्म हत्या से ही जुड़ा है|

इंस्टाग्राम ने इस गेम को बंद कर दिया है, कई देशो ने इस खेल को ले कर चिंताए व्यक्त की और इस खेल को न खेलने की चेतावनी भी दी|

इस खेल को ख़त्म करने करने का सबसे पहला कदम ये है की बिना जाने किसी भी लिंक या गेम को क्लीक ना करे, अगर घर के किसी भी बच्चे में बदलाव नजर आए, (अचानक सुबह उठना, उदाश रहना, दोस्तों से दुरी, फोन से ज्यादा लगाव, इत्यादि) तो उसपे पूरा नजर रखे और उसके बदलने का कारण जानने की कोशिश करे, सबसे अच्छा होगा की बच्चो को मोबाइल और इंटरनेट से दूर रखे, इससे इस खेल से बचा जा सकता है | मौत का खेल मौत का खेल मौत का खेल मौत का खेल  मौत का खेल

 

 

written by

priya shrivastava livepathshala

PRIYA SHRIVASTAVA
प्रिया श्रीवास्तव
छपरा, बिहार,

 

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