मेरे देश के हालात

मेरे देश के हालात ।
भारत में सतत् गैंग रैप होते रहे,पीड़िताओं के परिजन रोते रहे।
सारेदेश में जब इस बात पर उठा बबंडर,तब आप कहाँ सोते रहे।
कहाँ गयी महिलाये कहाँ उनकी भागीदारी,फूट फूट कर रो रही है देखो आज ये नारी।
न आये जटायू न आये मुरारी,अब कहाँ जाये बताओ ये बेचारी।
नारियो ने तुमसे जब की थी पुकार,तब आप अपने हाथ साबुन से ढोते रहे।
भारत में……………..
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तुमने तो सुख के दिनों का किया था करार,मिटा देंगे देश से,अधर्म और भृष्टाचार।
क्यों त्रस्त है जनता ? क्यों हो रहे अत्याचार।
दाल रोटी तरश रही है,भारत की जनता लाचार।
जरा उनसे पूछो हालात,जो बर्षो से महँगाई का भार ढोते रहे।
भारत में………..

एक और गरीबी ,दूसरी और महँगाई का भार।
दुस्कर हो गया अब तो,मिलना आहार।
कही महँगी प्याज,तो कही महँगी दाल।
आधी कीमत में दे रहे,दिल्ली में केजरीवाल।
महँगाई पर उठा बबाल देश में,और आप गहरी नींद में सोते रहे।
भारत में………….
सिर्फ चुनावो में सुनाई देती है,आपकी बुलंद आवाज।
अब हमें बताओ आप,कहाँ गई आपकी वो गाज।
नहीं लूटेगी माँ बहनो की,इस देश में अब लाज।
क्या ऐसे ही चलेगा,इस देश में आपका ये राज।
देकर धोखा भोली जनता को,जुल्म से चैन खोते रहे।
भारत में………………..
ऐसी चलाई राजनीती देश में,छिना भाई से भाई का प्यार।
टुकड़े किये समाज के अब क्यों,तुमने लाख हजार।
बनाया सबल देश के दुश्मन को,जो करते है हमले बार बार।
आतंकबाद है इसका दूसरा नाम,जिससे पीड़ित है सारा संसार।
वो करते रहे बम ब्लास्ट देश में,और आपके भारत पाक समझोते होते रहे।
भारत में……….
 Written  By-
manoj livepathshala

        Manoj singh Jadaun
Ghurghan/morena (M.P)

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