सफलता और काबिलियत में अंतर

सफलता और काबिलियत में अंतर (difference between success and excellence) जानने के लिए, पहले हम एक छोटी सी प्रेरक कहानी पढ़ते हैं ताकि हमें सब कुछ स्पष्ट समझने में आसानी हो।livepathshala काबिलियत 1

 

 

एक बार की बात है एक आश्रम के गुरू जी ने अपने सभी शिष्यों को कोयल का चित्र बनाने को कहा और कहा कि वह कुछ दिनों के लिए हिमालय जा रहें हैं , आकर देखेगें कि सबसे अच्छा किसने बनाया ?

हिमालय में पहॅुचकर गुरू जी ने समाधी लगा ली और उसमें ही मगन हो गये , वह पूरे दस साल बाद लौट कर आये ।

आश्रम में आते ही उन्होने अपने शिष्यों से पूछा कि उन्होने उन सबको कोयल का चित्र बनाने को दिया था, वह कहाँ हैं ?

लगभग सभी शिष्यों ने एक साथ कहा कि उन सबने कोयल का चित्र बना लिया था परंतु दस साल तक वे उस चित्र को संभाल के नहीं रख पाये।

गुरूजी ने फिर  पूछा क्या तुम में से कोई ऐसा है जिसने चित्र नहीं बनाया था ?

livepathshala काबिलियततो उन में से एक शिष्य निकलकर आगे आ गया, जिसने चित्र नहीं बनाया था।

गुरूजी ने उससे फिर पूछा की उसने चित्र क्यों नहीं बनाया ?

 

 

तो उसने जवाब में कहा “आप बस ये बता दीजिये कि आपको कोयल की आकृति कितनी बड़ी चाहिए, उसकी चोंच कैसी , पंख आदि कैसे होना चाहिए, मैं तुरंत बना दूँगा।

जैसा आकार गुरू जी ने बताया उसने तुरंत ही वैसा ही बना दिया।

गुरू जी और वहाँ खड़े सभी शिष्य हैरान रह गये कि उसने चित्र इतनी आसानी और सरलता से कैसे बना दिया ।

तभी गुरू जी ने उससे कहा ‘‘ जब तुम्हें इतनी अच्छी चित्रकला आती थी तो दस साल में तुमने क्यों कोयल का चित्र नहीं बनाया, तुम दस साल से क्या कर रहे थे ? “

उसने जवाब में कहा ‘‘ मैं दस साल से चित्र बनाना सीख रहा था, मैंने कई पक्षियों की चोंच बनाई, कई पक्षियों के पैर बनाये, तब जाकर मैं सीख पाया और अब बड़ी आसानी से कोई भी चित्र हो बना देता हूँ  ‘‘
इस कहानी में अगर हम देखें तो एक को छोड़कर सभी शिष्य सफल रहे थे।

परंतु उनमें से उस असफल शिष्य ने काबिलियत हाॅसिल की, जिसने दस सालों में चित्र बनाना सीखा, और अब उसकी चित्रकला के विषय में परिपक्ता हो चुकी है,

वह कई चित्र बना सकता है,और आगे होने वाली अनेकों चित्रकला प्रतियोगिता में जीत यानी सफलता प्राप्त कर सकता है और वह चित्रकला से संबधित विषयों में अपना रोजगार भी बना सकता है।

सफलता और काबिलियत में अंतर

इसलिए थ्री इडियट का डायलाॅग याद रखिए, कामयाब नहीं काबिल बनोे कामयाबी झकमार कर तुम्हारे पास आयेगी।

अगर आप किसी भी काम में स्थाई सफलता चाहते हो, तो उस काम में महारथ हाॅसिल कीजिए, उस काम को सिर्फ अभी की सफलता के लिए न करे ।

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जो स्टूडेंटस हैं उन्हें इस कहानी से सीखना चाहिए कि
मैथ्स के सवाल हो, या कोई भी विषय का टाॅपिक,

उन्हे उसे उस वक्त पूरा हो जाये कैसे भी करके, चाहें किसी दूसरे की काॅपी में से देखकर अपनी काॅपी में लिख लो या

फिर अगले दिन उनकी परिक्षा है और उसमें बेहतर नंबर लाने के लिए उसे रट कर चले गये,अगर आप ऐसा करते हैं

 

तब आप लम्बे समय के लिए सफल नहीं हो सकते  क्योंकि जो आप रट कर जाओगे वह अस्थाई है।

 
एक बार किसी काम में सफल हो जाने का नाम काबिलियत नहीं है बल्कि किसी एक काम को बार बार करने से, उसमें उत्कृष्टता, उस कार्य को करने में महारथ प्राप्त करने का नाम काबिलियत है।

 

 

written by

Manvendra Singh
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3 thoughts on “सफलता और काबिलियत में अंतर

  1. Very nice massage sir jee
    अपने सही कहा अगर आप किसी भी काम में सफलता पाना चाहते हो, तो उस काम को अपना काम समझ करो तो आपको सफलता जरूर ही होगी।

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