मैं हूँ क्योंकि, हम हैं

 मैं हूँ क्योंकि, हम हैं ! 

उबुन्टु ( UBUNTU ) एक सुंदर कथा…!

उबुन्टु ऑपरेटिंग सिस्टम
( Ubuntu Operating System )

जानते हैं, किससे प्रेरित है इस ऑपरेटिंग सिस्टम का नाम ?

कुछ आफ्रिकन आदीवासी बच्चों को एक मानव  विज्ञानी ने एक खेल खेलने को कहा।

children

उसने एक टोकनी में मिठाइयाँ और कैंडीज एक वृक्ष के पास रख दिए।

बच्चों को वृक्ष से 100 मीटर दूर खड़े कर दिया।

फिर उसने कहा कि, जो बच्चा सबसे पहले पहुँचेगा उसे टोकनी के सारे स्वीट्स मिलेंगे।

जैसे ही उसने, रेड़ी स्टेडी गो कहा…..

तो जानते हैं उन छोटे बच्चों ने क्या किया ?

सभी ने एक दूसरे   का हाँथ पकड़ा और एक साथ वृक्ष की ओर दौड़ गए, पास जाकर उन्होंने सारी मिठाइयाँ और कैंडीज आपस में बराबर बाँट लिए और मजे  लेकर खाने लगे।

जब मानव विज्ञानी ने पूछा कि, उन लोगों ने ऐंसा क्यों किया ?

तो उन्होंने कहा—” उबुन्टु ( Ubuntu ) “

जिसका मतलब है,

” कोई एक व्यक्ति कैसे खुश रह सकता है जब, बाकी दूसरे सभी दुखी हों ? “

उबुन्टु ( Ubuntu ) का उनकी भाषा में मतलब है,

” मैं हूँ क्योंकि, हम हैं! “

सभी पीढ़ियों के लिए एक सुन्दर सन्देश,
आइए इस के साथ हम  सब जहाँ भी जाएँ, खुशियाँ बिखेरें,

आइए उबुन्टु ( Ubuntu ) वाली जिंदगी जिएँ…..

” मैं हूँ क्योंकि, हम हैं..!! “

 

 

written by
anchor sachin
 

Anchor Sachin ji

Anchor Sachin ji  a professional anchor and many times he hosted gathering of thousands . To know more about click on his photo
We all thanks to Anchor Sachin Ji for sharing his story with LIVEPATHSHALA , and wishing him all the best wishes for his bright future.
Note :- this story is not written by anchor sachin ji , he is not real owner of this story , he has read it from somewhere else.
 
अगर आपके पास भी हिंदी में कोई अच्छी कबिता, कहानी, या आर्टीकल है जो आप livepathshala.com पर पोस्ट करना चाहते हैं। तो आप अपना लेख हमें भेज सकते हैं । पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ पोस्ट करेंगें।
आप अपना लेख हमारे पास भेजने के लिए नीचे दी लिंक पर क्लिक करें।
Post your article/ अपना लेख हमारे पास भेजने के लिए यहाँ क्लिक करें
आपको यह प्रेरक कहानी पसंद आई, तो इसे like, share and comments जरूर करें

share your thoughts

comments