आपके अंदर क्या है ?

सफलता के लिए सबसे ज्यादा महत्बपूर्ण है आपके अंदर क्या है यानी आप कितने सफल होंगे यह आपकी अंदर की काबिलियत पर कैसे निर्भर करता है 

एक आदमी गुब्बारे बेच कर अपना जीवन-यापन करता था। वह आस पास के गाँव में जाकर बच्चों कोे तरह- तरह के गुब्बारे लाल, पीले ,हरे, नीले आदि रंग के गुब्बारे बेचता था

      और जब कभी उसे लगता कि बिक्री कम हो रही है वह झट से एक गुब्बारा हवा में छोड़ देता, जिसे उड़ता देखकर बच्चे खुश हो जाते और गुब्बारे खरीदने के लिए पहुँच जाते।


इसी तरह एक दिन वह गाँव में गुब्बारे बेच रहा था और बिक्री बढाने के लिए बीच-बीच में गुब्बारे उड़ा रहा था।

 पास ही खड़ा एक छोटा बच्चा ये सब बड़ी जिज्ञासा के साथ देख रहा था .।

 इस बार जैसे ही गुब्बारे वाले ने एक सफेद गुब्बारा उड़ाया वह तुरंत उसके पास पहुँचा और मासूमियत से बोला, ” अगर आप ये काला वाला गुब्बारा छोड़ेंगे तो क्या वो भी ऊपर जाएगा ? ”

गुब्बारा वाले ने बोला, ” हाँ बिलकुल जाएगा. बेटे ! गुब्बारे का ऊपर जाना इस बात पर नहीं निर्भर करता है कि वो किस रंग का है बल्कि इस पर निर्भर करता है कि उसके अन्दर क्या है ? ”

ठीक इसी तरह हम इंसानों के लिए भी ये बात लागू होती है. कोई अपनी जीवन में क्या करेगा ?

     ये उसके बाहरी रंग-रूप पर नहीं निर्भर करता है, ये इस बात पर निर्भर करता है कि उसके अन्दर क्या है.?

 आप के पास क्या है, इससे ज्यादा महत्बपूर्ण है, आप में क्या है ? आपके अंदर क्या है ?

स्वामी विवेकानंद जी का कथन याद आता है वो कहते है कि

”   राजा बनना महत्वपूर्ण नहीं है, राजा होना महत्वपूर्ण है , उनके कहने का सीधा सीधा मतलब था कि व्यक्ति को अपने ऊपरी दिखावे पर नहीं बल्कि अपने अंदर बेहतर होना चाहिए “

याद रखे आपकी सफलता इस बात पर निर्भर है कि आपके अंदर क्या है? आप में कौन कौन से गुण है ?

written by

Manvendra Singh
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