अवसर की पहचान

अवसर की पहचान

 

एक गाँव में एक ब्राम्हण रहता था।

 वह भगवान का बहुत बडा उपासक था। उसे ईश्वर पर अटूट विश्वास था।

एक दिन गाँव में अचानक बाढ आ गई , तो सब लोग अपने बचाव के लिये गाँव की ऊँची जगह पर जाने लगे,ब्राह्मण भी उनके साथ चल दिया,परन्तु धीरे-धीरे पानी का स्तर बढने लगा।

कुछ समय पश्चात राहत दल वहाँ पहुच गया और राहत कार्य शुरू हो गया,सब लोगो को सुरक्षित जगह पर पहुँचाया जा रहा था।

तभी ब्राम्हण के पास एक नाव पहुँची और नाव में बैठे लोगो ने उनसे नाव में बैठने का आग्रह किया।

परन्तु ब्राम्हण बोला-‘‘मैं भगवान का बहुत बडा भक्त हूँ । मुझे भगवान स्वयं बचाने आएगे।‘‘

नाव में बैठे लोगो ने उनसे बहुत आग्रह किया परन्तु वह नही बैठे और नाव चली गई।

कुछ समय पश्चात जहाज आया और जहाज में सवार लोगो ने ब्राम्हण से बोला-‘‘ महाशय ! जहाज पर आ जाइये जलस्तर बढता जा रहा है  ‘‘।

लेकिन ब्राम्हण पुनः बोला–‘‘आप चले जाइये, मुझे भगवान बचाने आएगे ‘‘ ।

जहाज भी चला गया।

 

तभी एक हेलिकाप्टर आया।

लेकिन ब्राम्हण का जवाब वही था-‘‘ मुझे भगवान बचाने आएगे।‘‘

तभी पानी का स्तर बडा,और ब्राम्हण डूब गया।?

ब्राम्हण की जीवनलीला समाप्त हो गई,जब ब्राम्हण भगवान के पास पहुँचा,  तो बोला मैने जीवनभर आपकी आराधना, आपकी  उपासना की  , परन्तु आप ने मुझे नही बचाया।

भगवान मुसकुराते हुए बोले-‘‘हे मुर्ख  ! जो नाव,जहाज और हेलिकाप्टर आया था वो मैने ही भेजे थे।

तू उन्हे अस्वीकार कर स्वयं अपनी मौत का कारण बना ‘‘ ।

 

यह सब सुनकर ब्राम्हण अपनी अज्ञानता पर शर्मिंदा हुआ।
 

सारांश- ‘‘मनुष्य जीवन में कठिनाईयों के साथ-साथ अवसर भी आते हैं,हमें उन्हे पहचानना चाहिये तथा अवसर का लाभ उठाना चाहिए ‘‘ ।

 

Note-:  This story is not a original creations of livepathshala. We have read it from somewhere. 

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