अच्छाई व नेकी का महत्व

इस आटींकल में हम अपने छोटे छोटे कर्मों से की गयी अच्छाई व नेकी के महत्व को समझने की कोशिश करेंगें

    सबसे पहले हम एक छोटी सी प्रेरक कहानी  पढ़ लेते हैं जिससे हमें अच्छाई व नेकी का महत्व समझ सकें।

GOOD MORNINGएक फैक्ट्री मालिक की आदत थी कि वह हर रोज अपनी फैक्ट्री में पहुँचते ही

फैक्ट्री के गार्ड, गनमेन, नौकार, व अन्य, सभी कर्मचारियों को गुड माॅर्निंग कहता था।

   और घर लौटते वक्त सब को गुड नाईट बोल कर आता था।

 

एक दिन, अपने दिन भर का काम खत्म करने के बाद, वह फैक्ट्री में घूमने लगा,

तभी वह एक रूम में गया जिसका तापमान -20 के आसपास था।

वह उस रूम में अंदर की तरफ जाने लगा, पर उस रूम का तापमान अधिक ठंडा होने के कारण, तुरंत ही वह उस रूम से बाहर आने की सोचने लगा ।

    वह तेजी से दरबाजे की तरफ बढ़ा, पर जैसे ही वह दरबाजे के पास पहुँचा, उसने देखा दरबाजा बाहर से बंद हो चुका है ।

उसने कई बार आबाज लगाई पर किसी ने भी उसकी आबाज नहीं सुनी, शायद सब वहाँ से जा चुके थे।

रूम का तापमान ज्यादा ठंडा होने के कारण कुछ ही देर में वह मालिक बेहोश हो गया।

 

   doctor-with-patient-1404576__180अगली सुबह,अस्पताल में, जब मालिक को होश आया, तब उसने सबसे पहले उस गार्ड का धन्यवाद किया।

जिसने उसे उस रूम से बाहर निकाला था और उसकी जान बचाई ।

 

फिर उसने उस गार्ड से पूछा ‘‘आप तो फेक्टरी बंद करके जा चुके थे, फिर वापस किस लिए आये थे ? ‘‘

उस गार्ड ने जवाब में कहा ‘‘ मालिक ! हर रोज सुबह आते ही आप मुस्कराकर, सबको गुड मोर्निंग कहते हैं और जाते वक्त सबको गुड नाईट बोलते हैं।

 लेकिन आज जैसे ही मैं घर पहुँचा, तो मुझे याद आया, आज तो आपने मुझे गुड नाईट नहीं बोला, मुझे लगा, शायद आप अभी तक घर नहीं गये हैं।

और फिर तुरंत ही मैं फैक्ट्री के लिए वापस आ गया, यह देखने के लिए कहीं आप अंदर ही तो नहीं रह गये ? ‘‘

 

अच्छाई व नेकी का महत्व

इस कहानी में हमने देखा, मालिक के अच्छे स्वभाव और उसकी एक नेक आदत ने उसकी जान बचाई।

शास्त्रों में कहा गया है कि आप जो भी कार्य करते हैं, वह कभी बेकार नहीं जाता है, अगर आप अच्छा कार्य करते हो,

तो आपको उसका अच्छा परिणाम मिलता है और बुरे कार्य करते हो तो उसका बुरा परिणाम मिलता है ।

       इसलिए आप अच्छे कार्य करते रहिए, कब आपका कौन सा कर्म, आपको कहाँ और किस प्रकार परिणाम देगा ? यह कई बार हम भी नहीं जान पाते हैं।

हमारे द्वारा किया गया,हर एक छोटा से छोटा कार्य हमारी जिंदगी पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई न कोई प्रभाव अवश्य डालता है।

    फिर हम उस कार्य के प्रभाव को देख पाते हैं या नहीं इससे कोई फरक नहीं पड़ता है।

इस प्रेरक कहानी के माध्यम से हम एक और महत्वपूर्ण तत्व, जो व्यक्तित्व के विकास के लिए अति महत्वपूर्ण हैं, उस पर भी हम नजर डाल लेते हैं।

अगर आप हर रोज अपने स्कूल, काॅलेज, आॅफिस जाते वक्त, यह फिर सुबह घमने जाते वक्त, वहाँ पर हर रोज जो लोग आपको मिलते हैं,

       अगर आप उन्हें मुस्कराकर गुड माॅर्निंग, नमस्कार आदि कहते हैं।

उस समय आप अपने आप मेें एक सकारात्मकता महसूस करेंगें, आपको एक आनंद की अनुभूती प्राप्त होगी।

दूसरी चीज आपके उन लोगों से अच्छे रिस्ते बनेगे, जिनको आप अभिनंदन करते हो और  अच्छाई व नेकी बढ़ेगी ।

जब आप मुस्कराकर किसी का अभिनंदन करते हो, तब आप देखोगे कि बदले में, वो भी मुस्काराकर आपका अभिनंदन करते हैं।

    और आप महसूस करोगे कि दुनिया बाकई बहुत खुशगबार है, बस जरूरत है तो उसका आनंद लेने की।

अगर आप इस अद्भुत अच्छाई का आनंद लेना चाहते हो तो कुछ दिन तक ऐसा करके देखिए।

written by

Manvendra Singh
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