प्रतिभाशाली लोगों के असफल होने का सबसे बड़ा कारण

अगर आप ध्यान से देखें तो चारों में सबसे ज्यादा प्रतिभाशाली होेने के बाद भी राजीव को जाॅब नहीं मिल पाई।
अगर आप सोच रहे होंगे कि जानबूझकर राजीव को जाॅब नहीं दी गई है
हमने उसके साथ गलत किया है, तो यह सही नहीं हैं क्योंकि हम देख सकते हैं कि राजीव चारों से ज्यादा प्रतिभाशाली तो है परंतु हमें यह भी साफ दिख रहा है कि राजीव रोहित से मैथ्स में पीछे , वह अमन से अच्छी हिंदी नहीं जानता है और न ही वह दीलिप से अच्छी इंग्लिस पढ़ा सकता है।
इसलिए हमने तीनो को जाॅब देकर कोई भी गलती नहीं की है।
यदि राजीव अपनी इसी काबिलियत के अनुसार टीचिंग जाॅब के लिए आवेदन देता रहे या फिर वह सोचने लगे कि उसे मैथ्स, हिंदी और इंग्लिस को छोड़कर किसी दूसरे विषय में टीचिंग जाॅब ढूॅढनी चाहिए, या फिर उसे टीचिंग के अलावा कोई दूसरा जाॅब ढूॅढना चाहिए, तब वह और भी ज्यादा परेशान हो सकता है ।
उसके लिए सबसे बेहतर यह होगा कि वह मैथ्स, हिंदी या इंग्लिस तीनों में से किसी एक विषय का मास्टर बन जाये, इसके बाद उसके पास अपने विषय में टीचिंग जाॅब मिलने के अधिक मौके हैं ।
एक महत्वपूर्ण बात और, यदि एक बार उसे जाॅब मिल गई, तो वह उस स्कूल में दूसरे टीचरों की तुलना में अधिक महत्व बना सकता है क्योंकि दूसरे टीचरों की अनुपस्थिती में या जरूरत पड़ने पर राजीव उनके भी विषय पढ़ा सकता है।
यदि आपने इस उदाहरण को गइराई से समझने की कोशिश की है तो आप सब कुछ समझ ही चुके होगें की गलती कहाँ हो रही है।
यही जाॅब में होता है मेरे दोस्त, क्योंकि किसी भी कंपनी में आप जाओगे तो वहाँ आपको सभी काम नहीं करने पड़ेगें, उस कंपनी के पूरे काम या कोई पूरा प्रोजेक्ट आपको नहीं बनाना होगा बल्कि आपको उस कंपनी में कोई एक ही कार्य करना है।
स्कूल और काॅलेज लाईफ में हमें मल्टी टैलेंटेड (multi-talented) होने पर जोर दिया जाता है। हमसे कहा जाता है कि हर एक विषय में हमारी पकड़ होनी चाहिए । हमारे घर वाले भी अक्सर कहतें हैं कि हमारे बच्चों को हर एक काम सीखना चाहिए।
मैं ये नहीं कहता कि मल्टी टैलेंटेड नहीं होना चाहिए पर उससे पहले किसी एक विषय का मास्टर होना जरूरी है, अगर आप एक विषय के मास्टर होने के साथ मल्टी टैलेंटेड हो तब बहुत अच्छी बात है यदि आप सिर्फ मल्टी टैलेंटेड हो तब शायद आप चुनौतीपूर्ण दौर में हो ।

livepathshala talented
याद रखें असल जिंदगी स्कूल, काॅलेज और आपके बड़ों के नियमों के आधार पर नहीं चलती है ।

कोई भी आपको इसलिए जाॅब नहीं देगा कि आप किसी स्कूल, काॅलेज के टाॅपर हो या फिर आप हर वह काम करते हो जो आपके बड़े आपसे करने को कहते हैं, वह आपको सिर्फ इसलिए जाॅब देगा कि आप उसके लिए, उसकी कंपनी के लिए कोई काम कर सकें ।
याद रखें सबसे पहले किसी एक विषय में मास्टर बने। एक साथ कई नावों पर पैर रखकर न चले

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written by Manvendra Singh

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